मानसून में खान-पान का रखें विशेष ध्यान-जानिए क्या-क्या खाएं

0
594

मानसून के दौरान, सरसों के तेल, मक्खन या मूंगफली के तेल का उपयोग करने के बजाय, जो आपके शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है, वैसे हल्के तेलों को, जो आसानी से पचाने योग्य हैं, चुनें। अपने पाचन तंत्र के रखरखाव के लिए जैतून का तेल, घी या सूरजमुखी तेल सहित तेलों का प्रयोग करें।

मानसून का मौसम शुरु होते ही इंसान बारिशों के मौसम में खाना खाने का शौकीन हो जाता है। कुछ चटपटा, कुछ तीखा खाने के लिए हर कोई किसी भी जगह चला जाना चाहता है। ऐसा हो भी क्यों ना। बहुच ज़्यादा गर्मी के बाद किसी के लिए बारिशों की वजह से आने वाली ठंड मोह लेती है। ऐसे में अच्छा और बाहर का खाना भी वाजिब है।

लेकिन ऐसे खाना खाने से बीमारी और अपने शरीर की पाचन शक्ति के खराब हो जाने का डर होता है। तो ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि ऐसे मौसम में किस तरह से अपने पाचन शक्ति का ख्याल रखें।

एकदम गर्म और तला हुआ पकोड़ा खाने के बजाय, आपको मानसून के दौरान अपने पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए कुछ लाइट खाना चाहिए। अपने आहार में सब्जियां और फल जोड़ें, दालें और चावल जैसी खाद्य वस्तुओं को खाना एक अच्छा ऑप्शन भी है। उन चीज़ों को खाना चाहिये, जिन्हें आसानी से पचाया जा सकता है। अगर आप हरी पत्तेदार सब्जियां खाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपने उन्हें लेने से पहले ठीक से साफ कर लिया है।

मानसून के दौरान, सरसों के तेल, मक्खन या मूंगफली के तेल का उपयोग करने के बजाय, जो आपके शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है, वैसे हल्के तेलों को, जो आसानी से पचाने योग्य हैं, चुनें। अपने पाचन तंत्र के रखरखाव के लिए जैतून का तेल, घी या सूरजमुखी तेल सहित तेलों का प्रयोग करें।

आपने सुना होगा कि आपको मानसून के दौरान सड़क के किनारे खाने से बचना चाहिए। कुछ महीनों के लिए, उन स्वादिष्ट लेकिन थोड़े हानिकारक खाने पीने की चीज़ों को थोड़े दिन के लिए छोड़ दें। भेल पुरी या पानी पुरी का कुछ समय के लिए इंतजार कर सकते हैं। इस मौसम के दौरान विभिन्न बीमारियों के मुख्य कारणों में से एक भोजन का बासी हो जाना है।