धोनी की 37 रनों की पारी से गावस्कर को याद आयी पुरानी पारी

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महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों दो वजहों से खबरों में हैं, एक उनकी सफेद दाढ़ी और दूसरी उनकी ऐतिहासिक 37 रनों की पारी, इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दूसरे वनडे में जब आधी टीम पवेलियन पहुंच चुकी थी, धोनी बल्ला लेकर मैदान पर खड़े थे|  धोनी ने 59 गेंदों पर 37 रनों की पारी खेली और इस में सिर्फ 2 चौके मारे, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद से ये पहली बार हुआ कि इंडिया ने किसी वनडे पारी में एक भी छक्का नहीं मारा हो|

अब जब धोनी आउट होकर लौट रहे थे तो लॉर्ड में क्राउड ने उन्हें हूट किया,यानी चिढ़ाया|  कोहली ने बाद में ये कहकर बचाव किया कि इंडिया मैच जीतने की सिचुएशन में नहीं थी और धोनी कोशिश कर रहे थे कि कम रनों से हारा जाए, अब जब धोनी की इस पारी पर सुनील गावस्कर से सवाल किया तो उन्होंने अपनी एक ऐतिहासिक पारी का जिक्र किया|  गावस्कर ने भी इसी लॉर्ड्स के मैदान पर वो पारी खेली थी जिसके लिए उन्हें आजतक कोसा जाता है, 60 ओवरों वाले वनडे मैच में गावस्कर नॉट आउट रहे थे, मगर रन बनाए थे केवल 36|

वो पहले विश्व कप का सबसे पहला मैच था, शनिवार का दिन, आमने सामने टीमें थीं भारत और इंग्लैंड की,मैदान क्रिकेट का मक्का − लार्ड्स|  उन दिनों विश्व कप क्या पूरे वनडे क्रिकेट का आइडिया ही क्रिकेटरों के लिए नई चीज़ थी, चार ही साल तो हुए थे, जब एक प्रयोग के तौर पर खेला गया इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया वनडे मैच दर्शकों में गज़ब लोकप्रिय हुआ था|  वहीं से विश्व कप का आइडिया निकला, उन दिनों वनडे 60 ओवर के हुआ करते थे, तो 7 जून के इस मैच में इंग्लैंड पहले खेलने उतरा और 60 ओवर में 334 का स्कोर बनाया|

इंग्लैंड की तरफ से डेनिस एमिस ने 147 बॉल खेलकर 137 रन बनाए, स्ट्राइक रेट था 93.19. उस ज़माने के हिसाब यह बहुत अच्छी स्ट्राइक रेट थी| जवाब में भारत के लिए सुनील गावस्कर ओपनिंग पर उतरे, गावस्कर पूरे 60 ओवर तक मैदान पर रहे और 174 बॉल का सामना किया, लेकिन एक चौके की मदद से रन बनाए केवल 36|

ये क्या हुआ, कैसे हुआ, पूरा क्रिकेट वर्ल्ड हक्का-बक्का था|  उस मैच में अंशुमन गायकवाड़ भी खेल रहे थे, मैच में टीम के माहौल को याद करते हुए वे कहते हैं कि पूरी टीम के खिलाड़ियों को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था|  सभी हैरानी में थे कि गावस्कर जैसा दिग्गज बल्लेबाज ऐसी बल्लेबाजी कैसे कर सकता है, खुद सुनील गावस्कर ने अपनी आत्मकथा ‘सनी डेज’ में कबूला है कि वह पारी उनके क्रिकेट करियर की सबसे घटिया पारी थी, भारत की टीम वो मैच 202 रन से हारी थी|