जानिए, कैसी होती है मोदी की पूरी दिनचर्या

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केंद्रीय शहरी विकास और संसदीय कार्यमंत्री वैंकैया नायडू ने हाल में कहा था कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न तो खुद सोते हैं और न ही दूसरों को ज्यादा सोने देते हैं। ऐसे में यह जानना काफी दिलचस्प हो जाता है कि 64 साल के नरेंद्र मोदी पूरा दिन किन किन कामों में व्यस्त रहते हैं। मोदी के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वो महज चार घंटे की ही नींद लिया करते हैं और वो दिन के बाकी घंटों में काम करना पसंद करते हैं। मोदी सुबह से लेकर रात तक खबरों को ही नियमित तौर पर देखना पसंद करते हैं।

साल 2002 के दंगों के बाद से ही नरेंद्र मोदी के मीडिया के साथ रिश्ते काफी अहम रहे हैं। मोदी के करीबी लोगों के मुताबिक जब मोदी अपने साउथ ब्लॉक स्थित आवास पर होते हैं तो वो रात में 10 से 12 के बीच एक निजी चैनल पर न्यूज स्टूडियो में होने वाली बहसों को जरूर सुनते हैं। हालांकि इस बात की जानकारी बेहद कम लोगों को ही है कि वो किस चैनल को ज्यादा देखते हैं। वहीं मोदी अपने डायनिंग टेबल पर भी अपनी रुचि के मुताबिक चैनलों की अदला बदली करते रहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिन की शुरुआत भी खबरों के साथ होती है। मोदी हर रोज सुबह काफी सारे अखबारों को स्कैन करते हैं और सरकार द्वारा मुहैया कराए गई खबरों को भी देखना नहीं भूलते हैं। जब मोदी सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री थे वो तब सिर्फ गुजरात संबंधित मुद्दों पर नजर रखने के लिए गुजराती अखबारों को नियमित तौर पर देखा करते थे, लेकिन वो अब तमाम अंग्रेजी अखबारों को भी पढ़ते हैं।

मोदी की जीवनी पर काम कर रहीं निकिता परमार बताती हैं, ‘इतिहास और राजनीतिक विज्ञान पर अपनी पकड़ को और धारदार बनाने के लिए भी मोदी अपने पसंदीदा विषयों की किताबों का ऑर्डर करते रहते हैं। जब मोदी युवा छात्र थे वो तब भी वडनगर की लाइब्रेरी में नियमित तौर पर जाया करते थे। इसलिए पढ़ाई लिखाई उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। देश की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन भारत का इतिहास पढ़ना भी उन्हें अच्छा लगता है।’

सुबह चार बजे उठते हैं पीएम मोदी

Narendra Modi's Morning Starts at 4 AM

मोदी सुबह चार बजे ही बिस्तर छोड़ देते हैं और उसके बाद वो फिर रात को ही बिस्तर पर लेटना पसंद करते हैं। मोदी जब देश में होते हैं तो गंभीर विषयों पर पढ़ने का मौका उन्हें कम ही मिल पाता है ऐसे में वो जब विदेशी दौरे के लिए फ्लाइट में होते हैं तो वो उस वक्त का बखूबी इस्तेमाल करते हैं। मोदी ने 180 दिनों के अपने कार्यकाल में 31 दिन सिर्फ हवाई यात्रा में ही बिताए हैं।

मोदी पर किताब लिखने वाले सुदेश वर्मा बताते हैं कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वो अपने गांधीनगर स्थित आवास में भी अपनी पुरानी परंपरा के मुताबिक अल सुबह में उठा करते थे। एक सूत्र के मुताबिक उन्हें रेस कोर्स रोड़ पर चहलकदमी करना भी खूब पसंद है लेकिन वो व्यस्तताओं के चलते ऐसा मुश्किल से कर पाते हैं। लेकिन वो योगा, सूर्य नमस्कार और ध्यान लगाने की अपनी पुरानी आदत को कभी नहीं भूलते हैं। नरेंद्र मोदी सुबह हल्के फुल्के नाश्ते के साथ अदरक वाली चाय पीना पसंद करते हैं।

खाने के शौकीन मोदी अपने खाने से पहले स्नैक लेना पसंद करते हैं। हालांकि मोदी बेहद कम खाते हैं लेकिन वो ज्यादातर गुजराती और उत्तर भारतीय व्यंजन जैसे कि खिचड़ी, कढ़ी, उपमा, खाकरा खाना पसंद करते हैं जिसे खुद उनका कुक बद्री मीना तैयार करता है। जानकार बताते हैं कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी चाय के साथ बिस्कुट लेना पसंद करते थे, लेकिन मोदी बिस्कुट की अपनी पसंद को लेकर जरा भी चूजी नहीं हैं।

देश के नए प्रधानमंत्री पशु प्रेमी भी हैं। इस बात का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उनके कार्यालय में काफी सारे ऐसे चित्र टंगे थे जिसमें मोदी को कुत्तों को बिस्कुट खिलाते और उनके साथ खेलते हुए दिखाया गया है। मोदी पशु और पक्षियों के बेहद करीबी हैं और वो अपने दिन का कुछ समय कुत्तों, मोरों, बतखों और कबूतरों को दिया करते हैं।

हर रोज समय पर ऑफिस पहंचते हैं मोदी

Modi Reaches Office Daily in Time

देश के लगभग हर प्रधानमंत्री ने देश के लिए काम किया लेकिन इनमें से अधिकांश अपने घर पर रहकर ही काम करने को तवज्जो देते थे। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई खुद अपने साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय पर हर रोज नहीं जाया करते थे। वो अक्सर अपने घर पर रहकर ही काम करना पसंद करते थे। लेकिन मोदी हर रोज नियमित तौर पर सुबह 9 बजे अपने ऑफिस पहुंच जाते हैं। वो अपनी सारी मीटिंग सेवन रेस कोर्स रोड पर ही करते हैं जो अक्सर आधी रात तक चलती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी सादगी के लिए जाना जाता है। इसके अलवा कपड़ों के शौकीन मोदी अपने कपड़े भी विशेषतौर पर तैयार करवाते हैं जिसमें संभवता ब्रांडेड पेन ही लगे होते हैं। अपने मुख्यमंत्री कार्यालय में भी वो सादगी से रहते थे और उनके आफिस में सिर्फ कुछ ही फर्नीचर, टीवी, कंप्यूटर, वार्डरोब और छोटा सा मंदिर हुआ करता था। मोदी को जानने वाले बताते हैं कि सेवन रेस कोर्स रोड स्थित अपने आवास पर भी उन्होंने फाइव स्टार सुविधाएं नहीं ले रखी हैं।

मोदी अपना रात का भोजन अधिकांशत: टीवी देखते हुए ही लेते हैं। मोदी के लंच का समय उनकी संक्षिप्त मीटिंगों के समय के मुताबिक बदलता रहता है। लेकिन गुजरात कैडर के एक आईएस अधिकारी बताते हैं कि उनकी अधिकांश मीटिंग 10 से 15 मिनट तक ही चलती हैं। मोदी एक अच्छे लिसनर के तौर पर जाने जाते हैं, लेकिन वो उस वक्त सामने वाले को ज्यादा वक्त नहीं देते हैं जब उन्हें लगता है कि सामने वाला व्यक्ति कुछ ज्यादा ही समय ले रहा है। मोदी के बारे में एक खासियत यह है कि उनके हावभाव के जरिए उनके मस्तिष्क में क्या चल रहा है इसे भांपना मुश्किल होता है।

गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री बनने तक के सफर में मोदी के भीतर क्या बदलाव आए अगर इस बारे में बात करें तो यही कहा जा सकता है कि उनकी व्यस्तता थोड़ी ज्यादा बढ़ गई है और वो अपने भाषणों को अंग्रेजी में भी बोलने की आदत डालने लगे हैं।