टीम इंडिया इन गलतियों की वजह से हारी सीरीज

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इंग्लैंड ने सीरीज के तीसरे और आखिरी वनडे मैच में गेंद और बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत को पस्त कर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली|

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भारत को लगातार नौ सीरीज जीतने के बाद वनडे में किसी द्विपक्षीय सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है, इससे पहले भारत को ऑस्ट्रेलिया में 2015-16 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 से हार मिली थी|  वहीं, विराट कोहली की कप्तानी में भारत को मिली यह पहली सीरीज हार है|

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इग्लैंड के लिए जो रूट ने नाबाद 100 और कप्तान इयोन मॉर्गन ने नाबाद 88 रनों की पारियां खेलीं, इंग्लैंड ने अपने घर में लगातार सातवीं वनडे सीरीज जीती है, 257 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम को जीत के दरवाजे तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं आई|  कप्तान और रूट ने तीसरे विकेट के लिए 186 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत दिलाई|

आइए नजर डालते हैं भारत की हार की वजहों पर –

बेहद धीमी शुरुआत, स्विंग से संघर्ष

शिखर धवन को इस मैच में अपने सलामी जोड़ीदार रोहित शर्मा (18 गेंदों में 2 रन) का साथ नहीं मिल सका जो छठे ओवर की चौथी गेंद पर डेविड विले की गेंद पर आउट हो गए, शुरुआत में रोहित और धवन दोनों मार्क वुड और डेविड विले की स्विंग लेती गेंदों पर संघर्ष कर रहे थे, जिससे रनगति काफी धीमी रही|

 

 

धवन के रन आउट होने से लय टूटी

कोहली ने सलामी बल्लेबाज धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 71 रनों की साझेदारी की,धवन को जब कोहली का साथ मिला, तो रनगति पटरी पर आनी शुरू हुई, तब ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया 300 रनों के आंकड़े को छू लेगी|  लेकिन यह जोड़ी टीम के बड़े स्कोर की नींव रख पाती, तभी बेन स्टोक्स ने धवन (44) को रन आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया, धवन 84 के कुल स्कोर पर आउट हुए|

मौके का फायदा नहीं उठा पाए कार्तिक

कोहली ने इस मैच में केएल राहुल के स्थान पर दिनेश कार्तिक को टीम में जगह दी, कार्तिक ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके|  22 गेंदों में 21 रन बनाने वाले कार्तिक 125 के कुल स्कोर पर लेग स्पिनर आदिल राशिद की गेंद पर बोल्ड हो गए|

विराट के लौटने के बाद रैना फेल

राशिद ने ही 156 के कुल स्कोर पर कोहली (71) को बोल्ड कर भारत को बड़ा झटका दिया, अब जिम्मेदारी टीम के दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों और ऐसी विषम परिस्थतियो में कई बार टीम को बाहर निकालने वाले सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी पर थी, रैना विफल रहे और 1 रन बना कर राशिद का तीसरा शिकार बने|

धोनी-पंड्या की जोड़ी चल नहीं पाई

दूसरे छोर पर धोनी थे उन्हें साथ की जरूरत थी, हार्दिक पंड्या ने उम्मीद जगाई, लेकिन वुड के बेहतरीन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेट के पीछे जोस बटलर के हाथों में जा समाई, वह 21 गेंदों में 21 रन ही बना सके जिसमें दो चौके शामिल थे, पंड्या के बाद धोनी (42) विले का शिकार होकर पवेलियन लौट गए,पूर्व कप्तान धोनी 66 गेंदों की पारी में चार चौके लगा पाए|

टीम इंडिया के फील्डर्स ने रन लुटाए

भारतीय क्रिकेट टीम मैदान पर अपनी फिटनेस और फील्डर्स की मुस्तैदी के लिए जानी जाती है, लेकिन हेडिंग्ले के मैदान पर मंगलवार को उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा, जिससे इंग्लैंड ने ढेरों रन बटोरे|

कई चौके सर्कल के अंदर रोके जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया, कप्तान कोहली भी एैसी लचर फील्डिंग पर झुंझलाते नजर आए|  दूसरी तरफ अंग्रेजे क्षेत्ररक्षक बिल्कुल अलग नजर आए, उन्होंने कई ऐसे डाइव लगाए, जिससे बाउंड्री नहीं जा पाई|  इंग्लैंड ने फील्डिंग के सहारे भारत के 25-30 रन जरूर रोके|

कुलदीप-चहल की स्पिन जोड़ी नाकाम

भारतीय पारी में इंग्लैंड के लेगब्रेक बॉलर आदिल राशिद को तीन विकेट झटकते देख ऐसा लगा था कि कुलदीप यादव और युजेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी अंग्रेजी बल्लेबाजी क्रम को तोड़ने में सफल होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया|

कुलदीप-चहल अपने कोटे के पूरे 20 ओवरों में एक भी विकेट लेने में कामयाब नहीं हो पाए, चहल (10-0-41-0) ने हालांकि पूरी पारी के दौरान अच्छी गेंदबाजी की, उन्हें एक सफलता जरूर मिली होती, लेकिन वह नो-बॉल निकली|  कुलदीप (10-0-55-0) ने सीरीज में पहली बार निराश किया|