अपने खिलाड़ियों को गालियां देने की इजाजत नहीं देते कैप्टन कूल, अपने स्टाइल में मारते हैं गोली

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आप सबको पता होगा हमारे भारतीय पूर्व कप्तान एमएस धोनी कितने कूल रहते हैं फील्ड पर और कितनी आसानी से दिमाग लगाकर गेम को अपने बस में कर लेते हैं शायद ही भारत में ऐसा कोई कप्तान भविष्य में मिल सके लेकिन आपने भी यह जरूर देखा होगा कि माही जब कप्तान थे तो  हर खिलाड़ी एक दूसरे कितनी इज्जत करते थे और कोई भी एक दूसरे को एक बुरे शब्द तक नहीं कहते थे, जबकि विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय प्लेयर दूसरे देशों के प्लेयर से भिड़ जाते हैं, आपको क्या लगता है क्या धोनी के कप्तानी में धोनी ने अपने प्लेयर्स को सिखाया था कि ऐसा ना करें आइए आज हम इसके पीछे की आपको पूरी कहानी बताते हैं

महेंद्र सिंह धोनी  पूरी दुनिया में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर है यह कैप्टन कूल के नाम उन्हें ऐसे ही नहीं मिल गई मैदान पर उनके शांत स्वभाव और कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर गेम को जीतना यह बेहद मुश्किल काम है लेकिन इसे एम एस धोनी बहुत ही समझदारी के साथ कर लेते हैं

भारतीय कप्तान एमएस धोनी की किताब लॉन्च हुई जुलाई 7 को जिसमे उनके बारे में पूरा लिखा हुआ है अगर कोई खिलाड़ी उन्हें परेशान करे तो वह कैसे जवाब देते हैं उस किताब में यह लिखा गया है कि एम एस धोनी भी अपने स्टाइल में जवाब देना पसंद करते हैं ना की बहस बाजी करके  दूसरे खिलाड़ियों की तरह किताब में कुछ ऐसा लिखा  गया है

धोनी मैदान पर एक दूसरे प्लेयर से बहस बाजी करने में विश्वास नहीं रखता धोनी हमेशा अपने खिलाड़ियों को समझाता था कि अगर दूसरे खिलाड़ी आपको परेशान कर रहे हैं तो उन्हें अपने स्टाइल में जवाब दो ना की बहस बाजी करके जो की दूसरी टीम करती है वह हमें नहीं करना है हमें अपने बल्ले और गेंद से जवाब देना चाहिए  इससे अच्छा जवाब और कोई नहीं हो सकता यह है एम एस धोनी का कहना