जानिए क्यों जरुरत है हमारे समाज को अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता की

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मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूँ?

आजीवन हार नहीं मानने वाले अजातशत्रु अटल जी आखिरकार कूच कर गए। जो की हमारे देश और समाज के लिए बहुत बड़ी क्षति हैं और वर्तमान समय में उनकी कमी की पूर्ति करने वाला नेता देश में दिखाई नहीं देता है |

आज के समय में तो हर किसी राजनेता को सत्ता की लालचा हैं और उसके लिए वो लोग कितना भी गिरने को तैयार हैं | जो हमारे देश और समाज के लिए बहुत ही खेदपूर्ण बात हैं |

लेकिन अटल जी हमेशा देश के लिए काम करते थे और विपक्ष में रहना भी वो बहुत बड़ा सौभाग्य मानते थे | इसीलिए उन्होंने कहा था की –

सरकारें आएंगी, सरकारें जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी, लेकिन देश का लोकतंत्र जिंदा रहना चाहिए|

देश के विकास को अटल की योजनाएं-

अटल जी की सरकार ने कई टैक्स सुधार किए, बड़ी सिंचाई और आवासीय योजनाएं शुरू की गईं। पूरे देश में और खासतौर पर मध्यवर्ग के जीवन स्तर में बदलाव साफ दिखाई देने लगा। लोगों को विकास और सुशासन अपने आस-पास होता दिखाई दिया।

देश के हर हिस्से को जोड़ने के लिए एक बहुत ही महात्वाकांक्षी परियोजना स्वर्णिम चतुर्भुज की शुरुआत की गई जिसके तहत दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई को चार लेन सड़कों से जोड़ा गया। इससे अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ हुआ।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क रोजगार योजना के तहत हर गांव को सड़क से जोड़ा गया।

सर्वशिक्षा अभियान के तहत सभी बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। किसानों, युवाओं, महिलाओं, कामगारों के लिए बहुत सी अलग-अलग योजना शुरू की गई। इस तरह अटलजी ने भारत में सुशासन की राजनीति की शुरुआत की। उनका कहना था कि सुशासन की राजनीतिक करते समय लोगों की सेवा और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए |