एशियाड: सेब और ब्रेड खाकर उतरे थे दुष्यन्त, मेडल जीतते ही अचानक खराब हुई तबीयत

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दुष्यंत ने 18वें एशियाई खेलों में छठे दिन (शुक्रवार) को भारत की झोली में पहला पदक देकर अच्छी शुरुआत दी, फाइनल में दुष्यंत ने इस स्पर्धा को समाप्त करने में 7 मिनट और 18.76 सेकेंड का समय निकाला|

नौकायन खिलाड़ी दुष्यंत ने 18वें एशियन गेम्स के छठे दिन भारत को रोइंग का पहला पदक दिलाया, पुरुषों की लाइटवेट सिंगल स्कल्स में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया| आखिरी 500 मीटर में वह इतना थक गए थे कि उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा, दुष्यंत पदक समारोह के दौरान ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे|

पदक विजेता दुष्यंत की तबीयत बिगड़ी, मेडल सेरेमनी के बाद स्ट्रेचर पर ले जाए गए

दुष्यंत ने कहा, ‘मैंने ऐसे खेला मानो यह मेरी जिंदगी की आखिरी रेस हो, यही मेरे दिमाग में था| शायद मैंने कुछ ज्यादा मेहनत कर ली, मुझे सर्दी-जुकाम हुआ था, जिससे रेस पर भी असर पड़ा| मैंने बस दो ब्रेड और सेब खाया था, मेरे शरीर में पानी की कमी हो गई थी|

इस स्पर्धा में कोरिया के ह्यूनसू पार्क पहले और हांगकांग के चुन गुन चियू दूसरे स्थान पर रहे |

उधर, भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने 18वें एशियाई खेलों में चौकड़ी स्कल्स (क्वाडरपल स्कल्स) में ऐतिहासिक स्वर्ण हासिल किया| साधारण परिवारों से आए सेना के इन जवानों ने सैनिकों का कभी हार नहीं मानने वाले जज्बा को दिखाते हुए जीत दर्ज की, भारतीय टीम में स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह शामिल थे| जिन्होंने पुरुषों की चौकड़ी स्कल्स में 6:17.13 का समय निकालकर पीला तमगा जीता|