भारत पाकिस्तान की सेना ने पहली बार एक साथ किया युद्धाभ्यास

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भारत और पाकिस्तान के संबंध काफी समय से लगातार खराब चल रहे है। लेकिन इसके बावजूद भी दोनों देशों के सैनिकों ने पहली बार एक साथ बड़े युद्ध अभ्यास में भाग लिया है। रूस में एससीओ कि और से कराए जा रहे इस युद्ध अभ्यास का मकसद आतंकवाद को खत्म करके कट्टरवाद को समाप्त करना है।Image result for भारत पाकिस्तान सेना युद्धाभ्यास

जिससे सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ सके। इस युद्धाभ्यास में भारत, पाकिस्तान, रूस, चीन, किरगिस्तान, कजाखिस्तान, तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान की सेना भाग ले रही है। वही बता दें कि सभी सदस्य देशों से करीब तीन हजार सैनिक इस युद्धाभ्यास में भाग ले रहे है। बता दें कि पिछली साल जून में ही भारत एससीओ का सदस्य बना था। जिसके बाद पहली बार युद्धाभ्यास में भाग ले रहा है।Image result for भारत पाकिस्तान सेना युद्धाभ्यास

गौरतलब है कि एससीओ हर साल शांति मिशन के नाम से युद्धाभ्यास का आयोजन करता है। इस वर्ष यह कार्यक्रम रूस के चेल्याबिंस्क में चल रहा है।  इस युद्धाभ्यास को लेकर चीनी मीडिया ने कहा है कि इस कार्यक्रम से सद्स्य देशों के सैनिकों के बीच आपसी सहयोग बढेगा। साथ ही आपस में सैनिक रणनीति को साझा करेंगे। इससे पहले जो युद्धाभ्यास होता था वह मध्य एशियाई देशों के बीच ही होता था।Image result for भारत पाकिस्तान सेना युद्धाभ्यास

भारत की और से 200 सैनिक इस युद्धाभ्यास में शामिल हुए है। थल सेना व वायु सेना के जवान रणनीति संचालन, निशानेबाजी सहित कई तरह के प्रशिक्षण ले रहे है। भारत की ओर से इस कार्यक्रम में थल सेना की 5 – राजपूत रेजिमेंट के जवानों को भेजा गया है। भारतीय टुकड़ी में थल सेना के 167 जवान और वायु सेना के 33 जवान हिस्सा ले रहे है।