ईरान ने बनाया अपना पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान

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परमाणु समझौता के बाद अमेरिका से बढ़ी तल्खी के बीच ईरान ने अपना पहला स्वदेशी विमान बना लिया हैं जिसका “कौसर” रखा गया हैं और इसका अनावरण ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी द्वारा किया गया |

विमान में बैठे राष्ट्रपति हसन रूहानी की तस्वीरें भी जारी की गयी हैं | रूहानी ने कहा की चौथी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान का इसका निर्माण केवल दुश्मनों को डराने व शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए किया गया है|

उन्होंने कहा कि जब हम अपनी रक्षा के लिए तैयार होने का दावा करते हैं तो इसका मतलब हम शांति चाहते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि हम सैन्य ताकत बढ़ाकर युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर हम अपने दुश्मन का सामना करने के लिए तैयार नहीं होंगे तो उन्हें हम पर हमला करने का मौका मिल जाता है।तथा उन्होंने कहा कि उनके देश की यह सैन्य ताकत बस दुश्मनों को कदम पीछे खींचने के लिए बाध्य करने और स्थायी शांति के लिए तैयार की गयी है

रक्षा मंत्री आमिर हातमी ने कहा, ‘ईरान-इराक युद्ध से मिली सीख और अमेरिका द्वारा दी जा रही धमकियों से प्रेरित होकर यह विमान बनाया गया है। हम किसी पर भी आश्रित नहीं रह सकते।’

सरकारी मीडिया ने कहा कि उसने वैमानिकी और बहुद्देश्यीय रडार प्रणाली में काफी तरक्की की है और उसने पहली बार शत प्रतिशत स्वदेशी तरीके से यह विमान बनाया है।

जानिए क्या खासियत हैं लड़ाकू विमान “कौसर” की –

ईरान द्वारा निर्मित कौसर चौथी पीढ़ीका लड़ाकूविमान हैं, चौथी पीढ़ी के विमान की शुरुआत 1970 के दशक में हुई| इस पीढ़ी के विमान सिर्फ गति पर निर्भर न रहकर स्पीड, ऊंचाई और दिशा तीनों के प्रभावी सामंजस्य का प्रयोग करते हैं|

रिलेक्सड स्टेटिक स्टेबिलिटी (आरएसएस)- हवा में तनाव रहित स्थायी स्थिरता को पूर्णतया डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के जरिये मुमकिन किया गया है| इनमें पूर्ण अधिकृत डिजिटल इंजन कंट्रोल, फायर कंट्रोल रडार, हेडअप डिस्प्ले- पायलट को सारी जानकारी मुहैया कराने वाली पारदर्शी स्क्रीन, हैंडस ऑन थ्रोटल एंड स्टिक कंट्रोल विमान की स्थिति का सटीक विवरण देती है|