विधानसभा चुनाव 2018 : ताकत के रूप में उभर सकता हैं तीसरा मोर्चा

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इस वर्ष के अंत में राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होंगे इसलिए सभी राजनैतिक दल अपने-अपने समीकरण बनाने में लगे हुए हैं | वर्तमान में तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है |

2018 के विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के महत्त्वपूर्ण चुनाव हैं क्यूँकि इसका सीधा असर 2019 के लोकसभा चुनाव पर पड़ने वाला हैं इसलिए पूरे देश की नजरें इन तीनों राज्यों पर हैं |

लेकिन राजस्थान के लिए यह चुनाव और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं क्यूँकि आजादी से लेकर आज तक राजस्थान में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का ही दबदबा रहा हैं और इनकी ही बारी-बारी से सरकारें आयी हैं | और इसी कारण से ही राजस्थान साल दर साल पिछड़ता जा रहा हैं और यहाँ की जनता मुलभुत सुविधाओं से भी वंचित हैं |

इसी कारण से ही राजस्थान की जनता में एक नारा प्रचलित हैं कि “इस बार तुम खाओ और अगली बार हम खाएंगे” लेकिन वर्तमान की प्रस्थिति को देखते हुए नहीं लग रहा हैं कि इस बार भी यह संभव हो पायेगा |

क्योंकि राजस्थान में तीसरे मोर्चे का उदय होने जा रहा हैं हालाँकि धोरां धरती तीसरे मोर्चे के लिए कभी उर्वरा नहीं रही मगर समय समय पर कांग्रेस और भाजपा से निकलने वाले नेताओं ने तीसरे मोर्चे को गठित कर राष्ट्रीय दलों को चुनौती अवश्य दी।

इस बार राजस्थान में तीसरे मोर्चे की नींव रखने जा रहे हैं किसानों के मसीहा, युवा दिलों की धड़कन और 36 कौम के नेता, हनुमान बेनीवाल | जो वर्तमान में राजस्थान के नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं | हनुमान बेनीवाल किसानों, दलितों, अल्पसंख्यकों और युवाओं के नेता माने जाते हैं तथा उन्हें सभी समुदायों द्वारा सम्मानित किया जाता हैं |

उन्होंने दिसंबर 2016 में नागौर जिले में “किसान हुंकार रैली” की थी जो की राजस्थान सरकार और कांग्रेस के मजबूत विरोध का शुभारम्भ था जो आज तक जारी हैं | इस रैली में राजस्थान के 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था |

नागौर में हुई पहली हुंकार रैली की अपार सफलता के बाद, उन्होंने बाड़मेर में दूसरी “किसान हुंकार रैली” की घोषणा की तथा इस रैली में लोगों ने नागौर रैली का रिकॉर्ड तोड़ दिया, यहाँ पर 7 लाख लोग एकत्रित होने की सम्भावना जताई गयी| तीसरी हुंकार रैली बीकानेर में आयोजित की गयी, बीकानेर के लोगों ने भी उनका भरपूर समर्थन किया| इन तीनों रैलियों में हनुमान बेनीवाल के साथ राजस्थान के कद्दावर नेता और राजस्थान विधानसभा में विधायक किरोड़ीलाल मीणा इनके साथ थे लेकिन बीकानेर रैली के बाद उन्होंने हनुमान बेनीवाल का साथ छोड़ दिया और वो भारतीय जनता पार्टी में सम्मलित हो गए |

किरोड़ीलाल मीणा के जाने के बाद राजस्थान की जनता को लगा की तीसरे मोर्चे का सपना मात्र सपना ही रह जायेगा लेकिन हनुमान बेनीवाल ने हार नहीं मानी उन्होंने सीकर में चौथी रैली का आयोजन किया जिसमें उनको पहले से ज्यादा समर्थन मिला और इस रैली में लगभग सभी समुदायों के 7 लाख लोग एकत्रित हुए और राजस्थान में एक बार फिर से तीसरे मोर्चे की लहर छा गयी |

अब उनकी आखिरी हुंकार रैली जयपुर में आयोजित की जाएगी, उन्होंने बताया की जयपुर रैली में पार्टी की घोषणा की जाएगी तथा राजस्थान के कई बड़ेनेता उनके साथ मंच पर दिखाई देंगे |

उन्होंने लक्ष्य रखा है की जयपुर की रैली में 15 लाख लोग एकत्रित होंगें और राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी रैली होगी|