काम पर लौटा एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाला खिलाड़ी, दिल्ली में बेच रहा हैं चाय

0
504

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में भारत में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया था, भारत ने इस बार कुल 69 मेडल जीते जो कि अब तक के सर्वाधिक हैं| मेडल जीतने वालों खिलाड़ियों को राज्य सरकारों द्वारा करोड़ो रुपए व अन्य सुविधाएं देने की घोषणाएँ की गयी थी जिससे वो अपने सपने को पूरा कर सकेंगे |

हरीश कुमार एशियन गेस्म में सेपक टकरा में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य थे, हरीश दिल्ली के मजनू का टीला में अपने पिता की दुकान पर चाय बेचते हैं, इंडोनेशिया से लौटने के बाद हरीश अपने काम में जुट गए हैं और अपने पिता का हाथ बंटा रहे हैं, उनके घर की आजीविका इस चाय की दुकान पर टिकी है|

हरीश कुमार के मुताबिक उनका परिवार बड़ा है और आय का स्रोत कम है, हरीश ने कहा कि मैं चाय की दुकान पर पिता की मदद करता हूं, इसके साथ ही 2 बजे से 6 बजे तक चार घंटे खेल का अभ्यास करता हूं. उन्होंने कहा कि परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अच्छी नौकरी करना चाहता हूं|

हरीश की मां ने कहा कि हमने बड़े संघर्ष से अपने बच्चों को बड़ा किया है, हरीश के पिता ऑटो ड्राइवर हैं और साथ में हमारी एक चाय की दुकान है| जिसमें पति के साथ बेटा भी काम करता है, मैं अपने बेटे की सफलता में सहयोग के लिए सरकार और कोच हेमराज का धन्यवाद देती हू|

यह बताते हुए कि वह इस खेल में कैसे पहुंचे, हरीश ने कहा कि 2011 की बात है जब उन्होंने अपने कोच के साथ पहली बार यह खेल खेला था. मैंने 2011 से इस खेल को खेलना शुरू कर दिया. मेरे कोच हेमराज ने मुझे इस खेल में लाया.